Thursday, November 7, 2019

लेखांकन की विशेषताएँ

लेखांकन की निम्नलिखित विशेषताएँ है :
  • लेखांकन व्यवसायिक सौदों के लिखने और वर्गीकृत करने की कला है ।
  • विश्लेषण एवं निर्वचन की सूचना उन व्यक्तियों को सम्प्रेषित की जानी चाहिए जिन्हें इनके आधार पर निष्कर्ष या परिणाम निकालने हैं या निर्णय लेने हैं।
  • यह सारांश लिखने, विश्लेषण और निर्वचन करने की कला है।
  • सौदे मुद्रा में व्यक्त किये जाते हैं।
  • ये लेन-देन पूर्ण या आंशिक रूप से वित्तीय प्रकृति के होते हैं ।

Tuesday, November 5, 2019

लेखांकन क्या है ?

लेख एवं अंकन दो शब्दों के मेल से वने लेखांकन में लेख से मतलब लिखने से होता है तथा अंकन से मतलब अंकों से होता है किसी घटना क्रम को अंकों में लिखे जाने को  लेखांकन (Accounting) कहा जाता है
किसी खास उदेश्य को हासिल करने के लिए घटित घटनाओं को अंकों में लिखे जाने के क्रिया को लेखांकन कहा जाता है यहाँ घटनाओं से मतलब उस समस्त क्रियाओं से होता है जिसमे रुपय का आदान-प्रदान होता है
सरल शब्दों में लेखांकन का आशय वित्तीय लेन देनों को क्रमबद्व रूप में लेखाबद्व करने, उनका वर्गीकरण करने, सारांश तैयार करने एवं उनको इस प्रकार प्रस्तुत करने से है, जिससे उनका विश्लेषण निर्वचन हो सके। लेखांकन में सारांश का अर्थ तलपट बनाने से है और विश्लेषण निर्वचन का आधार अन्तिम खाते होते है, जिनके अन्र्तगत व्यापार खाता, लाभ-हानि खाता तथा चिटटा/स्थिति विवरण या तुलन पत्र तैयार किये जाते है।

उदाहरण

किसी व्यवसाय में बहुत बार वस्तु खरीदा जाता है, बहुत बार विक्री होता है खर्च भी होता रहता है आमदनी भी होता रहता है, कुल मिलाकर कितना खर्च हुआ कितना आमदनी हुआ किन-किन लोगों पर कितना वकाया है तथा लाभ या हानि कितना हुआ, इन समस्त जानकारियों को हासिल करने के लिए व्यवसायी अपने वही में घटित घटनाओं को लिखता रहता है यही लिखने के क्रिया को लेखांकन कहा जाता है अतः व्यवसाय के वित्तीय लेन-देनों को लिखा जाना ही लेखांकन है


Saturday, November 2, 2019

Golden Rules Of Accounting क्या है ?


1.  व्यक्तिगत लेखा(Personal Account)
व्यक्ति एवं संस्था से सम्बंधित लेखा को व्यक्तिगत लेखा कहते है जैसे मोहन का लेख, शंकर वस्त्रालय का लेखा व्यक्तिगत लेखा हुआ
व्यक्तिगत लेखा का नियम (Rule of Personal Account)
पाने वाले को नाम (Debit The Receiver)
देने वाले को जमा (Credit The Giver)
स्पष्टीकरण :
जो व्यक्ति कुछ प्राप्त करते हैं उन्हें Receiver कहा जाता है और उन्हें Debit में रखा जाता है जो व्यक्ति कुछ देते है, उन्हें Giver कहा जाता है और उन्हें Credit में रखा जाता है।
उदाहरण :
मोहन को 1000 रुपया दिया गया, मोहन 1000 रुपया ले रहा है वह Receiver हुआ इसलिए उन्हें Debit में रखा जायेगा
सोहन से 1000 रुपया प्राप्त हुआ सोहन 1000 रुपया देय रहा है वह Giver हुआ इसलिए उन्हें Credit किया जायेगा
2.  वास्तविक लेखा (Real Account)
वस्तु एवं सम्पति से संबंधित लेखा को वास्तविक लेखा कहतें है जैसे रोकड़ का लेखा, साईकिल का लेखा वास्तविक लेखा हुआ ।।av
वास्तविक लेखा का नियम (Rule of Real Account)
जो आवे उसे नाम (Debit what comes in )
जो जावे उसे जमा (Credit What goes out)
स्पष्टीकरण :
व्यवसाय में जो वस्तुएँ आती है उसे Debit में रखा जाता है और व्यवसाय से जो वस्तुएँ जाती है उसे Credit में रखा जाता है
उदाहरण :
मोहन से 1000 रुपये प्राप्त हुआ एक 1000 रुपया रही है इसलिए उसे Debit में रखा जाता है
सोहन के हाथ घड़ी बेची गया घड़ी जा रहा है इसलिए उसे Credit में रखा जायेगा
3.  अवास्तविक लेखा (Nominal Account)
खर्च एवं आमदनी से सम्बन्धित लेखा को अवास्तविक लेखा कहा जाता है जैसे किराया का लेखा, ब्याज का लेखा अवास्तविक लेखा हुआ
अवास्तविक लेखा का नियम (Rule of Nominal Account)
सभी खर्च एवं हानियों को नाम (Debit all expenses and losses)
सभी आमदनी एवं लाभों को जमा (Credit all incomes and gains)


Encontrar conjugation

The verb ''encontrar'' means 'to find' in Spanish. This lesson will show you how to conjugation ''encontra...